20/01/2026
"अपन लिपि,अपन स्वाभिमान!"
मिथिलाक्षर हमर पूर्वजक धराउ थिक, जकरा सहेजब हमर आ' अहाँक परम कर्तव्य अछि। आउ, आइ प्रण ली जे घरे सँ मात्र ९० दिन मे हम सभ अपन प्राचीन मिथिलाक्षर/'तिरहुता' लिपि सीखब। सिखबाक लेल अपन ह्वाट्सएप नम्बर इनबॉक्स मे प्रेषित कऽ सकैत छी ।
जय मिथिला, जय मैथिली , जय मिथिलाक्षर, जय जानकी 🙏