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शहादत दिवस के मौक़े पर एबीवीपी गया द्वारा भगत सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदानों को य...
23/03/2024

शहादत दिवस के मौक़े पर एबीवीपी गया द्वारा भगत सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदानों को याद कर नमन किए.

गया महाविद्यालय, गया!
22/02/2024

गया महाविद्यालय, गया!

अभाविप दक्षिण बिहार प्रांत के गया इकाई के कार्यकर्ताओं ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्...
23/01/2024

अभाविप दक्षिण बिहार प्रांत के गया इकाई के कार्यकर्ताओं ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।



ABVP Bihar

मां का नौवां स्वरूप:- मां सिद्धिदात्रीमां दुर्गा का नौवां रूप ‘मां सिद्धिदात्री’नवरात्र के नौवें दिन दुर्गाजी के नौवें स...
23/10/2023

मां का नौवां स्वरूप:- मां सिद्धिदात्री

मां दुर्गा का नौवां रूप ‘मां सिद्धिदात्री’
नवरात्र के नौवें दिन दुर्गाजी के नौवें स्वरूप मां सिद्धदात्री की पूजा और अर्चना का विधान है। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली देवी हैं मां सिद्धदात्री। ऐसा विश्वास है कि इनकी पूजा पूरे विधि विधान के साथ करने वाले उपासक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इनके चार हाथ हैं और ये कमल पुष्प पर विराजमान हैं। वैसे इनका वाहन भी सिंह ही है। इनके दाहिनी ओर के नीचे वाले हाथ में चक्र है और ऊपर वाले हाथ में गदा है। बाईं ओर के नीचे वाले हाथ में कमल का फूल है और ऊपर वाले हाथ में शंख है। प्राचीन शास्त्रों में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, और वशित्व नामक आठ सिद्धियां बताई गई हैं। ये आठों सिद्धियां मां सिद्धिदात्री की पूजा और कृपा से प्राप्त की जा सकती हैं। हनुमान चालीसा में भी इन्हीं आठ सिद्धियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि ‘अष्टसिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन्ह जानकी माता’।
अत्यन्त प्राचीनकाल में भगवान महादेव ने भी इन्हीं देवी की कठिन तपस्या कर इनसे ये आठों सिद्धियां प्राप्त की थी और इन्हीं देवी की कृपा से ही महादेव की आधी देह देवी की हो गई थी और वे अर्धनारीश्वर कहलाए थे। नवरात्र के नौवें दिन इनकी पूजा के बाद ही नवरात्र का समापन माना जाता है। इसी दिन ही हिंदू परिवारों में कन्याओं का पूजन और उनके चरण धोकर उन्हें माता का प्रसाद हलवा, पूड़ी और उबले हुए चने खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।

मां सिद्धिदात्री की पूजा, अर्चना और स्तवन निम्न मंत्र से किया जाता है।

सिद्धगंधर्वयक्षाद्यै:,असुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात्,सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

अर्थात् सिद्ध, गंधर्व, यक्ष, असुर और अमरता प्राप्त देवों के द्वारा भी पूजित किये जाने वाली और सिद्धियों को प्रदान करने की शक्ति से युक्त मां सिद्धदात्री हमें भी आठों सिद्धियां प्रदान करे
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ब्रह्मचारिणी माँ की नवरात्र पर्व के दूसरे दिन पूजा-अर्चना की जाती है. साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं।...
16/10/2023

ब्रह्मचारिणी माँ की नवरात्र पर्व के दूसरे दिन पूजा-अर्चना की जाती है. साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है।

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ,गया कॉलेज गया इकाई के कॉलेज इकाई पुनर्गठन किया गया,सभी नवनिर्वाचित इकाई को बहुत बहुत बध...
14/10/2023

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ,गया कॉलेज गया इकाई के कॉलेज इकाई पुनर्गठन किया गया,
सभी नवनिर्वाचित इकाई को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं!

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