22/04/2025
बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुज़फ्फरपुर के वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग में पृथ्वी दिवस पर पोस्टर प्रजेंटेशन एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन l
मुज़फ्फरपुर, 22 अप्रैल 2025 — बी.आर. अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुज़फ्फरपुर के वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग में पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता तथा वृक्षारोपण अभियान प्रमुख आकर्षण रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. डी.सी. राय के द्वारा पौधा लगा कर किया गया , माननीय कुलपति ने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि "धरती हमारी मां के समान है, उसकी रक्षा करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।" उन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें और अधिक पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.ए. मुज्तबा, डीन, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय तथा प्रो. आर.के. श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने छात्रों की रचनात्मकता की प्रशंसा की और पृथ्वी दिवस जैसे वैश्विक मुद्दों पर छात्र भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. चौधरी साकेत कुमार ने इस आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित किया तथा बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से छात्र न केवल प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी समझते हैं, बल्कि नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं।
उपस्थित शिक्षकों में डॉ. अनुपम, डॉ. विनोद बैठा,मोहम्मद शलाउद्दीन डॉ. पी.लाल, डॉ. गोविंद जलान, डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. अनीता, डॉ. प्रियंका रंजन, कन्हैया कुमार, आशीष कुमार, समेत कई संकाय सदस्य मौजूद रहे।
शोधार्थी शुभम राज, माहीपाल प्रियदर्शी तथा एमबीए छात्र अभिजीत, नीरज, उदय नारायण, विकास, रौनक, स्वराज आदि ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पोस्टर प्रजेंटेशन में वाणिज्य एवं प्रबंधन के छात्रों ने पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास आदि विषयों पर रचनात्मक पोस्टर प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में माननीय कुलपति प्रो. डी.सी. राय द्वारा वाणिज्य संकाय से तीन एवं प्रबंधन संकाय से तीन छात्रों को सर्वश्रेष्ठ पोस्टर निर्माण हेतु मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत परिसर में फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए गए। यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्प को प्रकट करता है, बल्कि विश्वविद्यालय के अकादमिक एवं सामाजिक दायित्वों को भी दर्शाता है।