12/09/2020
मूर्ख लोगों द्वारा पुछे जाने वाले कुछ प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न - क्या राम मंदिर बनने से गरीब की थाली में रोटी आ जायेगी ?
उत्तर - पहली बात तो ये कि हर बार गरीब की रोटी को हिन्दू संस्कृति , त्योहारों , रीति रिवाजों से जोड़ देना कहाँ तक उचित है?
मेरा कहना है कि क्या राम मंदिर जो अब तक नही बना है तो क्या गरीब की थाली में रोटी आ गयी ?
प्रभु श्रीराम हिंदुओं के आराध्य हैं और इस देश की 80% जनता हिन्दू है तो उनके सर्वमान्य आराध्य के जन्मस्थान पर उनका एक भव्य स्मारक होना चाहिए किसी और का कब्जा नही होना चाहिए ।
और हाँ , अब रोटी की बात भी कर लेते हैं ,
मैं बिल्कुल स्पष्ट रूप से ये मानता हूं कि राम मंदिर बनने से कम से कम 50,000 गरीबों की थाली में रोटी आएगी ..
सवाल होगा कैसे ?
जवाब ये रहा 👇
👉 अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान ही हजारों की संख्या में लेबर , मिस्त्री , मार्बल लगाने वाले , टाइल्स लगाने वाले , पेंट वाले , मूर्तिकार , माली , कॉन्ट्रैक्टर , JCB एवम अन्य मशीन वाले आदि कम से कम 15,000 को रोजगार मिलेगा और उनके घर में रोटी आएगी ।
👉 आराध्य राम जी के जन्मस्थल की इतनी महिमा है कि मंदिर बनते ही अयोध्या भारत के बड़े तीर्थ स्थल के रूप मेंविकसित होगा , अयोध्या शहर के आसपास सैकड़ों होटल बनेंगे और सैकड़ों भोजनालय खुलेंगे जो आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखेंगे , केवल भोजन और ठहरने की इंडस्ट्री से ही कम से कम 10,000 लोगों को रोटी मिलेगी
👉 परिवहन की बात करें तो टैक्सी , ऑटो , बस , ट्रेन आदि से भी कम से कम 5000 लोगों को की थाली में रोटी आएगी ।
👉 उत्तर प्रदेश सरकार के लिए अयोध्या एक बहुत बड़े टूरिस्ट हब के रूप में विकसित होगा जिससे आसपास के सभी क्षेत्रों में भी रोजगार के साथ साथ हर तरह से रेवेन्यू बढ़ेगा ।
👉 जब इतनी बड़ी संख्या में भक्त आएंगे तो सफाई कर्मचारियों से लेकर बिल्कुल गरीब तबके के अनेकों अनेक लोगों को अयोध्या में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा , इस तरह से उनकी थाली में भी रोटी आएगी ।
👉 प्रसाद , लस्सी , मिठाई, भगवान से जुड़ी अनेक सज्जा एवम पूजा की वस्तुएं आदि बेचने का कारोबार बड़ी मात्रा में खड़ा होगा , जिन्होंने ,काशी , बांके बिहारी वृंदावन , हरिद्वार के बाजार देखें हैं वे इसका स्वतः ही अनुमान लगा सकते हैं ,केवल इस तरह से 20,000