11/05/2023
जी.एम.एन. काॅलेज में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं रोजगार मेले का हुआ आयोजन।
गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी के प्रांगण में डाॅ. गुरदेव सिंह, अध्यक्ष, गवर्निंग बाॅडी के दिशा निर्देशन तथा प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त की अध्यक्षता एवं डाॅ. राकेश कुमार, संयोजक, एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी तथा प्लेसमेंट कमेटी की संयोजक डॉ. अनुपमा सिहाग के नेतृत्व में एक रोजगार मेला - 2023 का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में 20 कंपनियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए प्राचार्य डाॅ. रोहित दत्त ने अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। उन्होने कहा कि जी.एम.एन कॉलेज ने अपने 75 वर्ष पूरे किये हैं तथा इसी उपलक्ष्य में काॅलेज के विद्यार्थियों के लिए यह अवसर प्रदान करके उन्हें रोजगार प्रदान किये जा रहे है।।
प्रारंभिक स्तर पर भारतीय संस्कृति के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आरम्भ हुआ। राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं रोजगार मेले के उदघाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डाॅ. राजेश गोयल, सचिव, हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ. धर्मपाल, क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू, करनाल उपस्थित रहे। डाॅ. राजेश गोयल जी ने सम्बोधित करते हुए सर्वप्रथम जी.एम.एन काॅलेज को बधाई देते हुए कहा कि महाविद्यालय की यह अनूठी पहल है जिसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार प्राप्त कर रहा है। उन्होने कहा कि विद्यार्थी इसके साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बने तथा स्वयं का नया कुछ करें। उन्होंनें विभिन्न सार्थक उदाहरणों से विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। साथ ही उन्होने विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे स्वयं में ऐसी सम्भावनाओं को विकसित करे जिससे वह स्वयं भी आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र को भी आत्मनिर्भर बनाने में अपनी सहभागिता स्थापित करें तभी भारत अपने उज्ज्वल स्वरूप को पा्रप्त कर सकेगा जिससे सभी लोगों के उद्देश्य और लक्ष्य सहज ही पूर्ण होंगें।
इसी श्रृंखला में डाॅ. धर्मपाल जी ने कहा कि शिक्षा ग्रहण करते हुए विद्यार्थी किसी संस्था में कार्यरत हो जाएं यह विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है और विद्यार्थियों को इसका अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहिए। आत्मनिर्भरता के संदर्भ में उन्होनें कहा कि यह स्वयं की दक्षता और सक्षमता है जिसे हमें स्वयं से उत्पन्न करना होगा। इस कार्य के प्रांरभिक चरण के लिए शिक्षा एक साधन के रूप में कारगर सिद्ध होगी जिसके लिए हम सभी प्रयासरत हैं। आज समय की यही मांग है कि हम स्वयं में इस प्रकार की सर्वांगीण संभावनाओं को विकसित करे जिससे एक सभ्य समाज और आदर्श राष्ट्र की स्थापना संभव हो सके।
डॉ. अनुपमा सिहाग ने कहा कि यह विद्यार्थियों की अपनी कुशलता और क्षमता है जिसके माध्यम से उनका चयन अलग-अलग स्थानों पर होता है। इससे वे स्वयं तो रोजगार प्राप्त करते ही हैं, साथ ही अपने परिवार और सहपाठियों के लिए एक प्रेरणा का कार्य भी करते हैं। महाविद्यालय विद्यार्थियों में उच्च संस्कार और उचित रोजगार देने के लिए वचनबद्ध है और भविष्य में भी और अधिक सृजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सके। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 500 विद्यार्थियों ने अपना पंजीकरण करवाया। इस रोजगार मेले में विद्यार्थियों ने अपनी कौशलता का प्रर्दशन करते हुए अनेक कंपनियों में रोजगार प्राप्त किया।
डाॅ. राकेश कुमार ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रायोजित तथा आॅर्गेनाइजेशन फाॅर सोशल एण्ड कल्चरल (ओस्का) के सहयोग से अंतरविषयक रही जो आॅनलाइन तथा आॅफलाइन मोड में आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में पूरे देश से लगभग 160 रजिस्ट्रेशन हुए। इस संगोष्ठी में दो तकनीकी सत्र आयोजित किये गए जिनमें डाॅ. हरिकृष्ण, डाॅ. प्रवेश कुमार तथा डाॅ. चिमन लाल ने संसाधन व्यक्ति की भूमिका निभाई।
इस अवसर पर आॅर्गेनाइजेशन फाॅर सोशल एण्ड कल्चरल (ओस्का) ने डाॅ. राजेश गोयल, जी. एम. एन काॅलेज गवर्निंग बाॅडी प्रधान डाॅ. गुरदेव सिंह, डाॅ. धर्मपाल एवं प्राचार्य डाॅ. रोहित दत्त को उनके सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यो की उपलब्धियों के लिए राष्ट्र गौरव सम्मान - 2023 से सम्मानित किया।
रोजगार मेले में श्याम रहेजा ने ट्रेनिंग प्रोग्राम आफिसर के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मंच संचालन की भूमिका डाॅ. अमित कुमार, डाॅ. अनीश कुमार, डाॅ. मनजीत कौर ने निभाई। इस कार्यक्रम में डाॅ. सीमा कंसल, डाॅ. रचना खन्ना, डाॅ. एस.एस.नैन, डाॅ. एस.के बाठला, डाॅ. एस.के. पांडे, डा. बृजेश कुमार, डाॅ. राजेन्द्र देशवाल, डाॅ. तृप्ति शर्मा, डाॅ. रीत कौर आदि उपस्थित रहे।