08/05/2026
कृषि महाविद्यालय में दिया गया प्रशिक्षण: कृषि ड्रोन का सदुपयोग
कृषि महाविद्यालय, कोटवा, आज़मगढ़ में कृषि स्नातक
प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र/छात्राओं एवं महिलाओं को आधुनिक तकनीक ज्ञान एवं कौशल विकास हेतु *"कृषि में ड्रोन का महत्त्व"* विषय पर प्रशिक्षण दिया गया I महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो0 धीरेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया I कार्यशाला में छात्रों को IFFCO फर्टिलाइजर कंपनी प्राoलिo के क्षेत्रीय कार्यालय, लालगंज, आज़मगढ़ के श्री दुष्यंत सिंह द्वारा ड्रोन के बारे में जानकारी दी गई साथ ही ड्रोन का कृषि में उपयोग करने की विधि का सजीव प्रदर्शन दिखाया गया I इस कार्यक्रम को लेकर छात्रों में काफी उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली I छात्रों द्वारा ड्रोन के बारे में प्रश्न भी पूछे गए I कार्यक्रम महाविद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ I महाविद्यालय के अधिष्ठाता द्वारा बताया गया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रयोगशाला-से-प्रक्षेत्र (Lab-to-Land) तक ज्ञानवर्धन एवं आधुनिक तकनीक देना है जिससे वे
कृषि में ड्रोन का उपयोग कर कम से कम रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवारनाशी आदि कृषि रसायनों का उपयोग कर पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य को संरक्षित कर सके I उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के साथ महाविद्यालय के गोद लिए गाँव की कृषक महिलाओं को भी आधुनिक कृषि से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नई कृषि तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। विशेषज्ञ द्वारा ड्रोन के संचालन, रखरखाव तथा फसलों पर कीटनाशक और उर्वरक के छिड़काव में इसके उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने बताया कि ड्रोन तकनीक से समय और लागत दोनों की बचत होती है, साथ ही यह खेती को अधिक सटीक और प्रभावी बनाती है।