25/12/2025
🌿✨ तुलसी पूजन दिवस का संदेश ✨🌿
(25 दिसंबर)
आज के पावन अवसर पर तुलसी पूजन दिवस के उपलक्ष्य में मैं सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। तुलसी न केवल एक पवित्र पौधा है, बल्कि वह हमारी संस्कृति, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
📜 संस्कृत श्लोक:
“वृन्दायै तुलसीदेव्यै प्रियायै केशवस्य च।
विष्णुभक्तिप्रदे देवि सत्यवत्यै नमो नमः॥”
🪔 अर्थ:
हे माता तुलसी! आप भगवान केशव (विष्णु) को अत्यंत प्रिय हैं।
आप विष्णु भक्ति प्रदान करने वाली, सत्यस्वरूपा देवी हैं — आपको बार-बार नमन है।
🌼 भावार्थ:
तुलसी का पूजन करने से मन शुद्ध होता है और भक्ति, सदाचार व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
📖 प्राचीन कथा:
पुराणों के अनुसार, माता तुलसी पूर्व जन्म में वृंदा थीं — जो राक्षसराज जलंधर की परम पतिव्रता पत्नी थीं। उनकी पवित्रता के कारण जलंधर अजेय था। लोककल्याण हेतु भगवान विष्णु ने लीला कर वृंदा की तपस्या को भंग किया। इससे दुःखी होकर वृंदा ने देह त्याग दी और तुलसी के रूप में अवतरित हुईं। भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे सदा उन्हें प्रिय रहेंगी और बिना तुलसी के कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होगी।
इसी कारण तुलसी को विष्णु भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
💻📚 आज के युग में संदेश:
जैसे तुलसी हमारे जीवन को शुद्ध और स्वस्थ बनाती है, वैसे ही शिक्षा, तकनीक और संस्कार मिलकर हमारे बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाते हैं।
🙏 आइए, आज हम सब संकल्प लें कि अपने जीवन में
पवित्रता, अनुशासन, सेवा और ज्ञान को अपनाएँ।
सादर शुभेच्छाओं सहित,
— संजीव कुमार
🎓 प्रधानाचार्य – Rishiraj Aryabhatta Vidyapeeth
🎓 निदेशक – Rishiraj Institute of Computer Sciences
🕉️ सचिव – Rishiraj Ashram
💻 PGT – कंप्यूटर साइंस एवं AI शिक्षक – Woodbine Modern School
🌿 तुलसी माता सभी को स्वास्थ्य, शांति और सद्बुद्धि प्रदान करें। 🌿