Hindi Sahitya parishad, Mata Sundri College for women

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Hindi Sahitya parishad, Mata Sundri College for women This is the page of successful department of Hindi Hons. Mata sundri college.
हिंदी क?

आप सभी को सूचित करते हुए बहुत हर्ष हो रहा है की माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की साहि...
20/10/2021

आप सभी को सूचित करते हुए बहुत हर्ष हो रहा है की माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की साहित्यिक संस्था 'हिंदी साहित्य परिषद' द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला का तृतीय व्याख्यान 23 अक्टूबर, 2021 को अपराह्न 11 बजे होने जा रहा है। व्याख्यानमाला का तृतीय व्याख्यान भारतीय रंग परंपरा और हिंदी नाटक विषय पर केंद्रित है और हिंदी के सुप्रसिद्ध प्रो. आशीष त्रिपाठी इस विषय पर हमारे साथ अपने बहुमूल्य विचार साझा करेंगे।
आप सभी इस कार्यक्रम में सदर आमंत्रित है।

हिन्दी के प्रसिद्ध कवियों में से एक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को सिमरिया नामक स्थान पर हुआ। र...
23/09/2021

हिन्दी के प्रसिद्ध कवियों में से एक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को सिमरिया नामक स्थान पर हुआ। रामधारी सिंह 'दिनकर' हिन्दी के लोकप्रिय कवि, लेखक व निबन्धकार थे। वे आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस के कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। 'दिनकर' स्वतन्त्रता पूर्व एक विद्रोही कवि के रूप में जाने गए और स्वतन्त्रता के बाद उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि से विभूषित किया गया । वे छायावादोत्तर कवियों की पहली पीढ़ी के कवि थे। उनकी कवितओं में एक ओर ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति की पुकार है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति है। इन्हीं दो प्रवृत्तियों का चरम उत्कर्ष हमें उनकी कुरुक्षेत्र और उर्वशी नामक कृतियों में मिलता है । दिनकर जी को उनकी रचना कुरुक्षेत्र के लिए काशी नागरी प्रचारिणी सभा, उत्तरप्रदेश सरकार और भारत सरकार से सम्मान मिला। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उन्हें 1959 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। रामधारी सिंह दिनकर जी द्वारा लिखित कविताओं के कुछ महत्वपूर्ण अंश ----
✨सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है,
शूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं, काँटों में राह बनाते हैं।✨

आप सभी को सूचित करते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की साहि...
17/09/2021

आप सभी को सूचित करते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की साहित्यिक संस्था ‘हिंदी साहित्य परिषद’ द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला का द्वितीय व्याख्यान 18 सितंबर, 2021 को अपराह्न 12.30 बजे होने जा रहा है। व्याख्यानमाला का द्वितीय व्याख्यान "छायावाद का रूप और अंतर्वस्तु" विषय पर केंद्रित है और हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि एवं आलोचक प्रो. सुधीर रंजन सिंह इस विषय पर हमारे साथ अपने बहुमूल्य विचार साझा करेंगे। आप सभी इस कार्यक्रम के लिए सादर आमंत्रित हैं।🙏🌸

01/09/2021
01/09/2021

हिंदी साहित्य में "दुष्यंत कुमार" एक प्रसिद्ध हिंदी कवि, कथाकार और ग़ज़लकार के रूप में जाने जाते हैं। दुष्यंत कुमार का लेखन बहुत सहज और स्वाभाविक रहा, जिससे उन्हें बहुत लोकप्रियता प्राप्त हुई। दुष्यंत कुमार नई कविता के एक प्रतिभाशाली कवि थे। उन्होंने कविता के क्षेत्र में अनेक सफल प्रयोग किए, किंतु उनकी ख्याति के आधार रहे,उनके गीत और ग़जल।

ग़जल लिखने में जो सलीका और अंदाज़ होना चाहिए वो दुष्यंत कुमार की रचनाओं में देखने को मिला है।

हिंदी की बेहतरीन कविता और ग़जल लिखने वाले श्री दुष्यंत कुमार जी को उनके जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌸❣️

दुष्यंत कुमार जी की प्रमुख ग़जल-

कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं,
गाते-गाते लोग चिल्लाने लगे हैं,
अब तो इस तालाब का पानी बदल दो,
ये कँवल के फूल कुम्हलाने लगे हैं,
अब नई तहज़ीब के पेशे-नज़र हम,
आदमी को भूल कर खाने लगे हैं।

21/08/2021

आज 21 अगस्त, 2021 को माता सुंदरी कॉलेज की साहित्यिक संस्था 'हिंदी साहित्य परिषद्' द्वारा व्याख्यान माला का शुभारंभ किया गया। व्याख्यामाला की पहली कड़ी में 'हिंदी साहित्य और अस्मिता विमर्श' विषय पर प्रसिद्ध लेखक और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. श्योराज सिंह 'बेचैन' का व्याख्यान हुआ।
हमारे जो साथी और विद्यार्थी कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हो पाए वे यहां भी इस व्याख्यान को सुन सकते हैं।

हिंदी साहित्य के इतिहास में शिवमंगल सिंह सुमन एक प्रसिद्ध कवि, लेखक और शिक्षाविद के रूप में प्रख्यात थे। उनकी मृत्यु के ...
05/08/2021

हिंदी साहित्य के इतिहास में शिवमंगल सिंह सुमन एक प्रसिद्ध कवि, लेखक और शिक्षाविद के रूप में प्रख्यात थे। उनकी मृत्यु के बाद, भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री ने कहा था कि "डॉ. शिव मंगल सिंह 'सुमन' केवल हिंदी कविता के क्षेत्र में एक शक्तिशाली चिह्न ही नहीं थे, बल्कि वह अपने समय की सामूहिक चेतना के संरक्षक भी थे। उन्होंने न केवल अपनी भावनाओं का दर्द व्यक्त किया, बल्कि युग के मुद्दों पर भी निर्भीक रचनात्मक टिप्पणी भी की थी।"✨🙂✨

पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित श्री शिवमंगल सिंह 'सुमन' जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन 🙏🌹

क्या हार में क्या जीत में ,
किंचित नहीं भयभीत में,
संघर्ष पथ पर जो मिले ,
यह भी सही वो भी सही ।

इनका सर्वदा सहयोगी स्वभाव सभी को इनका कायल बना देता है। दमदार तरीके से अपनी बात रखना, सभी को मार्गदर्शन देना और हर परिस्...
03/08/2021

इनका सर्वदा सहयोगी स्वभाव सभी को इनका कायल बना देता है। दमदार तरीके से अपनी बात रखना, सभी को मार्गदर्शन देना और हर परिस्थिति मे संयम के साथ फैसला लेने की इनकी क्षमता भी लाजवाब हैं। यह हमारे हिंदी विभाग का वह निः संकोच अंग है जो न सिर्फ अपना दृष्टिकोण सभी के जेहन में बिठाने में बल्कि सामने उपस्थित अपने सभी सहकर्मियो का हाल ए दिल जानने में भी पूर्णतः सक्षम हैं।

हमारे हिंदी विभाग की अध्यक्ष संध्या शर्मा दीदी को उनके इस सफर के लिए शुभकामनाएं।✨🌸 .53

सोचने से कहां मिलते हैं
तमन्नाओं के शहर।
चलना भी जरूरी हैं
मंजिल पाने के लिए।

आपका हंसी मजाक का स्वभाव हम सभी को बहुत प्रिय है पढ़ाई के मामले में आपकी एकाग्रता सभी को अपने कुशल व्यवहार से उत्साहित र...
03/08/2021

आपका हंसी मजाक का स्वभाव हम सभी को बहुत प्रिय है पढ़ाई के मामले में आपकी एकाग्रता सभी को अपने कुशल व्यवहार से उत्साहित रखने जैसी खुबसूरती है आपमें और हम आशा करते है आप अपने इसी स्वभाव से कार्य करती रहेंगी और कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उनका डट कर सामना करेंगी और सफल होंगी।

हमारे हिंदी विभाग की उपाध्यक्ष शगुन अवस्थी दीदी को उनके इस सफर के लिए शुभकामनाएं।✨🌸

कोशिश करो कोई आपसे न रूठे,
जिंदगी में अपनो का साथ न छूटे।
मुश्किलें जितनी भी हो उन्हे ऐसे संभालो,
की मुश्किलें भी ज्यादा देर न टिके।

हमारी पूर्व अध्यक्ष2020-2021
31/07/2021

हमारी पूर्व अध्यक्ष
2020-2021

हमारी पूर्व उपाध्यक्ष2020-2021
31/07/2021

हमारी पूर्व उपाध्यक्ष
2020-2021

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Mata Sundri College For Womens
Delhi
110002

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