19/10/2017
आइये दीवाली पर तोहफ़े ठीक से छाँटे, इस बार मिठाई नहीं, भरपूर मिठास बाँटे।।।
चलो मिलकर इस बार दीवाली ऐसे मनायें, दिये तो जलायें पर, दिल ना जलायें।।।
नये दिये जलाने से बेहतर हैं, जो दिये बुझ रहे हैं, उन्हे बचायें।।।
रोशनी करने का ढंग बदलना होगा, दिया जलाकर नहीं, दिया बनकर जलना होगा।।।