07/07/2025
मिलिए महाराष्ट्र के छोटे से गाँव की रहने वाली 'वसीमा शेख' से जिनके पिता मानसिक रूप से ठीक नहीं थे माँ घर -घर जाकर चूड़ियां बेचती थी, बड़ा भाई रिक्शा चलाता था.. इतनी कठिनाइयों के बावजूद वसीमा ने गरीबी के सामने घुटने नहीं टेके और बिना कोचिंग के रोज़ाना 12-15 घंटे पढ़कर महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा पास कर कलेक्टर बन एक मिसाल कायम कर दी l