24/04/2026
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 23 अप्रैल 2026
"युवा मस्तिष्कों का सामरिक विस्फोट: ड्रोन, तकनीक और नवाचार से गूंजा सैन्य प्रदर्शनी का मंच”
आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बभनान (गोंडा) के रक्षा एवं स्त्रातेजिक अध्ययन विभाग द्वारा आज “सैन्य मॉडल एवं चार्ट प्रदर्शनी” का अत्यंत भव्य, प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। पूरे महाविद्यालय परिसर में देशभक्ति, वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बभनान शुगर मिल के प्रख्यात फिजिशियन डॉ. पंकज शुक्ल द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया । बतौर मुख्य अतिथि डॉ. पंकज शुक्ल ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरक संबोधन में कहा कि “आज के युग में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़े जाते, बल्कि तकनीक, साइबर स्पेस और रणनीतिक सोच के माध्यम से भी लड़े जा रहे हैं। इस प्रकार की प्रदर्शनी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामरिक समझ और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को सशक्त बनाती है।”
विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि “यह प्रदर्शनी छात्रों के लिए केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, विश्लेषणात्मक क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अरविंद कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों की रणनीतिक सोच, नवाचार क्षमता और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतिबिंब है। ऐसे प्रयास भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी प्रगति की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे।”
सह-संयोजक डॉ. चिदानंद तिवारी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़ाकर उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं तथा उनमें अनुशासन, नेतृत्व और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करते हैं।"
विभाग के प्राध्यापक डाॅ प्रेम कुमार पटवा ने बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि "आज विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किए गए मॉडल्स में जो सूक्ष्मता और तकनीकी समझ दिखी है, वह वास्तव में सराहनीय है। इन बच्चों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया है, बल्कि जटिल सैन्य रणनीतियों को अत्यंत सरलता और सृजनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया है। ग्रामीण अंचल के इन युवा मस्तिष्कों में छिपा यह नवाचार और राष्ट्र के प्रति इनका समर्पण देखकर यह विश्वास और दृढ़ हो जाता है कि हमारे देश का सामरिक भविष्य अत्यंत सुरक्षित हाथों में है।"
प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं द्वारा आधुनिक युद्ध प्रणाली, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा, मिसाइल सिस्टम, सीमा सुरक्षा एवं सामरिक अवधारणाओं पर आधारित अत्यंत आकर्षक, सृजनात्मक एवं तकनीकी रूप से समृद्ध मॉडल एवं चार्ट प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने उपस्थित सभी को गहराई से प्रभावित किया।
प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु गठित निर्णायक मंडल में डॉ. आलोक त्रिपाठी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. प्रेम प्रकाश पाण्डेय , श्री विक्रम पाण्डेय तथा रक्षा एवं स्त्रातेजिक अध्ययन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ राकेश कुमार, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. देवेंद्र कुमार पाण्डेय शामिल रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण—डॉ. पवन पांडे, डॉ. अजय कुमार मौर्य, डॉ. हरिराम, डॉ. श्रवण शुक्ल, डा. कमलेश कुमार , डा. ऊदल कुमार, लेफ्टिनेंट विपिन शुक्ल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. सत्यप्रकाश शुक्ल, डॉ. रंजना त्रिपाठी, डॉ. विभा शुक्ल, डॉ. सुमन मिश्रा एवं डॉ. विजयलक्ष्मी आदि प्राध्यापक बन्धुओं के साथ साथ विषय के शोध छात्र प्रशान्त पाण्डेय ,विनय पाण्डेय आदि की सक्रिय उपस्थिति एवं सहयोग उल्लेखनीय रहा ।कार्यक्रम के अंत में विजेता छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान किया गया तथा सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई।
यह प्रदर्शनी न केवल एक शैक्षणिक आयोजन रही, बल्कि यह नवाचार, राष्ट्रभक्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी सामरिक ताकत है।