13/08/2025
राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस 2025 एवं “नवागमन” कार्यक्रम
दिनांक: 12.08.2025 (मंगलवार)
I. सुबह 10: 30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस 2025 एवं “नवागमन” कार्यक्रम
दिनांक 12.08.2025 को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में पुस्तकालय विज्ञान के जनक पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन जी की 133वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस 2025 का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में, नव सत्र 2025–26 में B.Lib. & Inf. Sc. तथा M.Lib. & Inf. Sc. पाठ्यक्रमों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए "नवागमन" नामक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत एक परिचय-संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें नवागंतुक विद्यार्थियों को विभाग, विश्वविद्यालय, संकाय सदस्यों तथा सहपाठियों के परिचय का अवसर प्राप्त हुआ। यह सत्र पारस्परिक संवाद, संस्थागत समझ और सहयोगात्मक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभ सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्यों ने डॉ. रंगनाथन के योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। डॉ. संतोष गुप्ता ने पुस्तकालय विज्ञान के मूल सिद्धांतों को आत्मसात करने का संदेश दिया, जबकि डॉ. महेन्द्र सिंह राव ने सूचना प्रौद्योगिकी के साथ पुस्तकालय सेवाओं के समन्वय पर बल दिया। डॉ. विष्णु गुप्ता ने निरंतर अध्ययन और अनुसंधान की भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी, तथा डॉ. ममता सिंह ने सूचना की समान पहुँच और सेवा-भावना को प्राथमिकता देने की बात कही। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय पर आधारित नवीन डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।
मंच का संचालन डॉ. विजेन्द्र कुमार ने किया। उन्होंने नवप्रवेशित सभी विद्यार्थियों का विभाग में स्वागत किया तथा विभाग एवं विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, परिश्रम और अनुशासन के साथ विभाग एवं विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
II. समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
कार्यक्रम:
राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस स्मरणोत्सव संगोष्ठी – 2025
विषय: "कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में पुस्तकालयों का पुनर्रूपण
"Reshaping Libraries in the Age of Artificial Intelligence (AI)"
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग ने RMLA एवं FHSLA के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस स्मरणोत्सव संगोष्ठी – 2025 में सह-आयोजक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। यह संगोष्ठी डॉ. रॉबर्ट हीलिग पुस्तकालय, SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर के संगोष्ठी हॉल में संपन्न हुई, जिसमें पुस्तकालय विज्ञान के आधुनिक परिप्रेक्ष्य पर गहन विमर्श हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं प्रो. एस. आर. रंगनाथन को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। डॉ. पी. आर. मीना, अध्यक्ष, RMLA ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. आर. एल. रैना (कुलपति, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी) तथा अन्य गणमान्य प्रबुद्धजनों में डॉ. एस. पी. सूद (भूतपूर्व विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय), डॉ. पवन कुमार गुप्ता (भूतपूर्व निदेशक, केंद्रीय पुस्तकालय, राजस्थान विश्वविद्यालय), प्रो. करोरी सिंह (एमेरिटस फेलो, दक्षिण एशिया अध्ययन केंद्र), तथा डॉ. ओम प्रकाश महला (डीन, सामाजिक विज्ञान, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर) ने संगोष्ठी में आधुनिक पुस्तकालयों में कृत्रिम बुद्धिमता (AI) की प्रासंगिकता पर अपने सारगर्भित विचार साझा किए। विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. विजेन्द्र कुमार ने अपने विशेष व्याख्यान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में पुस्तकालयों की भूमिका का पुनर्परिभाषण करते हुए सूचना की प्रामाणिकता, नैतिकता एवं सेवा-केन्द्रित दृष्टिकोण को पुस्तकालय विज्ञान की मूलभूत आवश्यकताओं के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने डॉ. एस. आर. रंगनाथन द्वारा प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के पञ्च सूत्रों की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए यह स्पष्ट किया कि आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिप्रेक्ष्य में भी ये सूत्र पुस्तकालयों के संचालन और सेवा दर्शन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं मार्गदर्शक हैं। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पुस्तकालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग एक चुनौती नहीं, बल्कि एक वरदान है—जो सेवा की गुणवत्ता, पहुँच और नवाचार को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करता है। वहीं विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संतोष गुप्ता ने डॉ. रंगनाथन के सिद्धांतों की वर्तमान प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए पुस्तकालयों को ज्ञान-संवहन के सेवा-आधारित केंद्र के रूप में पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के सत्र 2023–24 की टॉपर्स को विशेष पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए, जिसमें B.Lib. & Inf. Sc. की छात्रा सुश्री अंजलि सैनी तथा M.Lib. & Inf. Sc. की छात्रा सुश्री सुनिधि शर्मा को उनकी उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम में डॉ. एस. पी. सूद को उनके पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में विशेष उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मिली वाजपेई ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन न केवल डॉ. एस. आर. रंगनाथन की स्मृति को सम्मानित करने का अवसर रहा, बल्कि पुस्तकालय विज्ञान के भविष्य, नैतिकता और तकनीकी समन्वय पर गंभीर विमर्श का प्रभावशाली मंच भी सिद्ध हुआ।