06/04/2023
चंबल के नहरी पानी की मांग को लेकर घर घर धरना प्रदर्शन की शुरुवात
ईआरसीपी पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर केंद्र सरकार की वादा खिलाफी और राज्य सरकार की क्षेत्रीय बांधो की अनदेखी के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन चढूनी के बैनर तले किसान नेता साहिल खान मेवाती ने मेव थडी,नगर पर ईआरसीपी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है "प्रोटेस्ट फ्रॉम होम" के तहत शुरू हुए धरने में घर आस पास के पड़ोसी व मोहल्लावाशी भी शामिल हुए इस दौरान साहिल खान मेवाती ने जानकारी देते हुए बताया की केंद्र सरकार ने लोकसभा में ईआरसीपी को पूरा करने से मना कर दिया है जबकि 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर और अजमेर में ईआरसीपी को पूरा करने का वादा किया था लेकिन अब केंद्र सरकार वादा खिलाफी कर रही है वही राज्य सरकार ने ईआरसीपी के लिए बजट तो दे दिया लेकिन अब तक रूपारेल,घाट बाँध,सीकरी बाँध आदि क्षेत्र के मुख्य बांधो और नदी नालों को नही जोड़ा गया है 2017 में तैयार हुई ईआरसीपी की डीपीआर के तहेत अलवर का पानी रूपारेल आदि के माध्यम से भरतपुर जिले को मिलता था अब वह पानी केवल डीएमआईसी इंडस्ट्रीज को प्रस्तावित है। यह क्षेत्र के किसानों के साथ धोखा है जब तक केंद्र सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नही करती और राज्य सरकार डीपीआर में संशोधन कर के क्षेत्र के नदी नालों बांधो को नही जोड़ती तब तक प्रोटेस्ट फ्रॉम होम के तहत क्षेत्र के हर घर, ढाणी,गांव में धरने शुरू होंगे और तहसील एव जिला स्तर पर मजबूत आंदोलन शुरू किया जायेगा। चंबल के नहरी पानी पर पहला हक किसान का है सरकारें हमारे हिस्से का पानी उद्योगपतियों को बेचना चाहती है।गुडगांवा केनाल डी.पी.आर फोर लिपिटंग ऑफ 100 क्यूसेक वाटर सीकरी बाँध में कब तक आएगा व 1994 में हुए यमुना लिंक समझौते के तहत मिलने वाला पानी 30 साल से हमे नही मिला और ईआरसीपी भी 2017 से सरकारों के आपसी मतभेद में उलझी हुई है अगर जल्द सरकारें ईआरसीपी पर सकारात्मक रुख अख्तियार नही करती तो आने वाले चुनाव में पानी नही तो वोट नही के नारे के साथ नेताओ और राजनेतिक पार्टियों का बहिष्कार किया जाएगा।इस अवसर पर हनीफ कुरैशी,सुबान खां,रवि पचौरी,इस्लाम,जहुर खान,रमजान मलिक,साबिर कुरैशी,बाजिद अली आदि गणमान्य मौजूद रहे।