06/01/2024
जय नवोदय
अपने नवोदय का बाह्य ढाँचा जितना सुंदर और आकर्षक दिखाई पढ़ता है जैसे बड़े बड़े एलईडी स्क्रीन टीवी, आउटडोर जिम, आउटडोर एलईडी स्क्रीन आदि आदि। लेकिन माने या न माने आंतरिक स्वरूप और ढांचा उसके विपरीत बहुत ज्यादा खोखला है।
चलिए आज कुछ बात करते है जमुई नवोदय की, क्योंकि जमुई नवोदय में इतना जल्दी-जल्दी सभी चीजों का विकास एवम बदलाव होना बात करने का एक मुद्दा तो बनाती ही है। यहां बात बाहर से दिखने वाले जमुई नवोदय की नहीं होगी क्योंकि बाहर से जो कुछ दिखता है वो अंदर से ज़रूरी नहीं कि सच ही हो। वैसे भी जमुई नवोदय विद्यालय बाहर से और इसके बारे में सुनने में बड़ा ही आनंद महसूस होता है और लोगो को सुनकर के गर्व होता हैं।
मैं आज बात इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि कुछ दिन पहले जो चीज (वीडियो,फोटो) देखने को मिला है वो सब नवोदय विद्यालय परिवार को शर्मसार करने के लायक है। और ये आज पहली बार नहीं हुआ है, और भी पहले हो चुका है। और जब से विद्यालय के प्राचार्य का पद हिमांशु शेखर मंडल सर का हुआ है तब से तो बहुत ज्यादा ही बढ गया है।आपलोगों को वीडियो के माध्यम से दिख रहा होगा जिसमें भोजपुरी जैसे गाना को मंच पर बजाया जा रहा है और उसपर डांस किया जा रहा है, और शिक्षक लोग सब ऐसे गाना को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। कुछ शिक्षक तो स्टेट्स लगा कर के लिखते है की ये बालक क्या चीज है। इस प्राचार्य के आने से पहले विद्यालय परिसर में( पल पल न माने टिंकू जिया ) जैसे गाना पर भी स्कूल के स्टेज पर कार्यक्रम नहीं होता था, और इनके आने के बाद तो अश्लील ही नहीं महाश्लिल गानों पर ठुमका लगवाया जा रहा है और प्राचार्य के साथ में शिक्षक लोग भी खड़े होकर के आनंद लेने में व्यस्त हैं।
जबकि पूर्व में सरस्वती पूजा के समय कमिटी गठित हुई थी। वो कमिटी इस लिए बनी थी ताकि कोई बच्चा अश्लील और बलगर गानों पर डांस नही कर सके। यदि ऐसे होता था तो उस गाने को बीच में बंद करवा दिया जाता था। उसके बावजूद आज ये सब देखने को मिल रहा है। क्या आज वो कमिटी खत्म हो गई?
डांस के दौरान विद्यालय की बहनें भी वहां मौजूद थी। सोचिए उन बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा? छात्रों को देख कर के उसका उत्साह बढ़ा रहे है और विद्यालय के कुछ शिक्षक भी गाना पर पूरा ठुमका लगाने में व्यस्त है बच्चो के संग में, शायद से विद्यालय के प्राचार्य समेत सभी शिक्षक विद्यालय के मान मर्यादा को भूल चुके है और मानसिक संतुलन भी खो बैठे हैं। आज कल बेटियों को पढ़ाई के मामले में बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन विद्यालय परिसर में तो बहुत ही दुर्लभ नजारे देखने को मिल रहे है। और तो और विद्यालय या छात्रावास परिसर में DJ लाने का अनुमति कैसे दे देते है विद्यालय प्राचार्य या फिर विद्यालय इनसे संभल नहीं रहा है जिसके वजह से ये सब हो रहा है।
जमुई नवोदय के वर्तमान प्राचार्य पर सस्पेंड बच्चों से पैसे लेकर उन्हें रिसीप्ट नही देना का भी आरोप लगते आया है। इसके अलावा बच्चों के एडमिशन के लिए भी उन पर अन्य माध्यमों से पैसे लेने का आरोप है। पुख्ता सबूत नहीं होने के कारण वह इस मामले से भी बच निकले। कई बच्चों को नवोदय विद्यालय समिति के अनुमति के बिना पूरे एकेडमिक सेशन तक सस्पेंड करने का भी आरोप है। जब ये बच्चे किसी कार्य से विद्यालय जाते थे तो वर्तमान प्राचार्य मंडल सर इनके साथ बहुत बुरा और अपराधी जैसा बर्ताव करते थे।
यदि ये सब बातें कोई भी पदाधिकारी या नवोदय विद्यालय समिति के पदाधिकारी देख रहे हो तो आप से नम्र निवेदन है की आप कुछ सख्त से सख्त कार्रवाई करें, ताकि इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय,जमुई में दुबारा ऐसी वारदात करने का किसी में हिम्मत न हो और विद्यालय की गरिमा बनाए रखे। फिलहाल बाहर से अच्छा दिखने वाले जमुई नवोदय विद्यालय को एक अच्छे और कर्मठ प्रिंसिपल की जरूरत है जो विद्यालय को अच्छे और सुचारू रूप से चला सके।
इस घटना ने जमुई नवोदय विद्यालय से जुड़े सभी शिक्षकों, वर्तमान व पूर्ववर्ती छात्रों की विद्यालयी भावना को झकझोर कर रख दिया है।
(नोट: वीडियो को जानबूझकर ब्लर किया गया है।)