20/05/2026
आज दिनांक 20/ 05/ 2026 को सहकारी इन्टर कालेज मिहरावां जौनपुर में विद्यालय के नवनिर्मित स्मार्ट क्लास,कम्प्यूटर रूम के उद्घाटन के लिए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र कुमार सिंह (I.P.S.) पुलिस अधीक्षक आगरा (उ०प्र०) ने विद्यालय के नवनिर्मित स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर रूम का उद्घाटन फीता काट कर किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ० प्रमोद कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि श्री सन्तोष कुमार सिंह, विद्यालय के प्रबन्धक श्री राजीव कुमार सिंह उप प्रबन्धक श्री कमलेश राय, प्रधानाचार्य डॉ० राम दत्त सिंह मन्चस्थ रहे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा घूप, दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात मन्चस्थ अतिथियों का माल्यार्पण कर तथा शाल एवं अंगवस्त्र पहनाकर और स्मृति चिन्ह् प्रदान कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में स्काउट गाइड के सभी छात्र छात्रायें उपस्थित रहे। पूर्व में हुए स्काउट गाइड के ग्रैंड फिनाले और डायमंड जुबली के 19 वीं नेशनल जंबूरी लखनऊ (उ०प्र०) मे दिनांक 23 नवंबर से 29 नवंबर तक, वृंदावन के प्रांगण में वाराणसी मंडल के जनपद जौनपुर से सहकारी इंटर कॉलेज मिहरावां जौनपुर के 25 गाइड और 17 स्काउट तथा एक स्काउटर और एक बार, एक गाइडर ने प्रतिभाग किया जिसमें विद्यालय एवम् जनपद का नाम रोशन किया और सभी प्रतियोगिताओं में शामिल हुए विद्याथियों का कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय रहा, जिसमें भारत के सभी राज्य तथा सभी केंद्र शासित प्रदेश तथा रेलवे विभाग के सभी विंग और श्रीलंका, सऊदी अरब, नेपाल आदि जैसी देशों ने इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय के सभी स्काउट गाइड को मुख्य अतिथि एवं सभी मन्चस्थो द्वारा मेडल्स पहनाकर तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेन्द्र कुमार सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि जीवन में सकारात्मक सोच रखने वाले मनुष्यों को हमेशा इस बात पर विश्वास रहता है कि आने वाला कल, बीते हुए कल से अच्छा रहेगा, बीते हुए कल के बारे में शिकायत करके, समय व्यर्थ करने की अपेक्षा, समय का पूरा उपयोग करके आने वाले कल को बेहतर बनाना ज्यादा अच्छा है। विद्यार्थियों को अपने जीवन में कभी भी नकारात्मक सोच नहीं रखनी चाहिए। नकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ सकता है। कभी भी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहिए। जो व्यक्ति ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उन्हें देर सबेर सफलता अवश्य मिलती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डाॅ० राम दत्त सिंह उपस्थित सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय के विद्यार्थियों को स्काउट गाइड प्रोग्राम में ऐतिहासिक सफलता के लिए विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती रेनू यादव एवं श्री निशार अहमद के योगदान की प्रशंसा करते हुए उनके कार्यो की सराहना की, उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समस्या रुपी अवरोधों से विचलित हुए बिना अपने कर्तव्य पथ पर गतिमान रहता है, वही सफलता के लक्ष्य को प्राप्त कर पाता है।
"शिक्षक केवल ज्ञान का दान ही नहीं करते, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार भी तैयार करते हैं। एक अच्छे शिक्षक की प्रेरणा, विद्यार्थियों के जीवन को संवारकर समाज और देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। जिनके मार्गदर्शन से हमारी नई पीढ़ी उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होती है।
विद्यालय के प्रबंधक श्री राजीव कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वयं के पुरुषार्थ के बिना जीवन में उन्नति एवं उत्थान के द्वार भी स्वतः बंद हो जाते हैं। दूसरे आपको केवल सलाह दे सकते हैं, लेकिन उस पर चलना आपके स्वयं के हाथों में ही है। केवल आप ही इस दुनिया में स्वयं अपनी तकदीर बदल सकते हैं। केवल आप ही स्वयं के चेहरे पर मुस्कुराहट ला सकते हैं एवं केवल आप ही स्वयं अपने जीवन को सुखी और आनंदमय बना सकते हैं। आपका स्वयं का पुरुषार्थ ही आपकी सफलता एवं प्रसन्नता का आधार है। आपकी किसी भी समस्या का श्रेष्ठ हल आपके सिवा किसी और के पास नहीं हो सकता है। केवल आप स्वयं ही अपनी प्रत्येक समस्या का हल ढूँढ सकते हैं एवं अपने जीवन को एक आदर्श जीवन बना सकते हैं। गहराई से मनोमंथन करने पर आप पाओगे कि आपके सिवा कोई और नहीं जो आपके जीवन को सुखमय एवं आनंदमय बना सकता है क्योंकि दूसरे केवल मार्ग दिखा पायेंगे, चलना स्वयं को ही पड़ेगा।
कार्यक्रम में, अपने अध्यक्षिय सम्बोधन में डाॅ० प्रमोद कुमार सिंह सभी के सम्बोधनो की समीक्षा करने के उपरांत अपने सम्बोधन में कहा कि उपदेश करना जितना आसान है, उन्हें आचरण में धारण करना उतना ही कठिन है। वाणी के बजाय कार्य से दिए गए उदाहरण कही अधिक प्रभावी होते हैं। कोरा उपदेश भी तब तक कोई काम नहीं आता जब तक उसे चरितार्थ न किया जाये। प्रत्येक सफल व्यक्तियों में एक बात की समानता मिलती है और वो ये कि उन्होंने केवल वाणी से नहीं अपितु अपने कार्यों से भी उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने जो कहा वही किया। बिना पुरुषार्थ के हमारे महान से महान संकल्प भी केवल रेत के विशाल महल का निर्माण करने जैसे हो जाते हैं। हमारे पास संकल्प रूपी मजबूत आधारशिला तो होनी ही चाहिए पर साथ में पुरुषार्थ रूपी पिलर भी होने चाहिए, जिस पर सफलता रुपी गगनचुम्बी महल का निर्माण संभव हो सके। संकल्प और पुरुषार्थ ही किसी व्यक्ति के जीवन में सफलता का आधार है। श्रेष्ठ उपदेशों को आचरण में उतारना ही जीवन को श्रेष्ठ बनाने की अनिवार्यता भी है। कार्यक्रम का कुशल संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक श्री ओम प्रकाश सिंह ने अत्यंत कुशलता पूर्वक किया। विद्यालय के विद्यार्थियों का आज के शिक्षण के पश्चात् ग्रीष्मा अवकाश के कारण आज विद्यालय के शिक्षण कार्य का अन्तिम दिन होने पर, उपस्थित सभी विद्यार्थियों को लगभग चालीस दिनो के अवकाश का सदुपयोग करने आवश्यक बताई गई, तथा आज स्मार्ट क्लास,कम्प्यूटर रूम के उद्घाटन अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं, विद्यार्थीयों तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीयों के द्वारा उपस्थित रह कर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया गया।