09/09/2026
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में “अपराध स्थल पर प्रयुक्त फॉरेंसिक तकनीक एवं आपराधिक न्याय प्रणाली में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका” विषय पर व्याख्यान आयोजित
जींद, 9 सितंबर। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हरियाणा पुलिस विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालय विधि विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “अपराध स्थल पर प्रयुक्त फॉरेंसिक तकनीक एवं आपराधिक न्याय प्रणाली में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका” रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. धर्मेंद्र सिवाच, SSO एवं प्रभारी, मोबाइल फॉरेंसिक साइंस यूनिट-कम-डिस्ट्रिक्ट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (MFSU-cum-DFSL) जींद, डॉ. कांता, सीन ऑफ क्राइम, जींद, डॉ. विकास कुमार, बैलिस्टिक डिवीजन, एफएसएल हिसार तथा डॉ. सुमन सांगवान, एफएसएल हिसार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को अपराध की वैज्ञानिक जांच में फोरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता, आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों तथा आपराधिक न्याय प्रणाली में वैज्ञानिक साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान करना रहा।अपने व्याख्यान के दौरान डॉ. धर्मेंद्र सिवाच ने अपराध स्थल से साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित संकलन, संरक्षण, परीक्षण तथा विश्लेषण की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।