18/09/2016
तेरी यादें ...
तुझे भुलाने की हमारे दिल की,
हर ज़िद है अब नाकाम हुईसब कर के अब तो देख लिया, हर कोशिश हमारी नाकाम हुईजितना भी भुलाया तुमको,
उतनी ही ज़्यादा तेरी याद आई
यूँ तो हजारों चाहतें थी आस-पास, पर तेरी बहुत याद आई
गहरे दफनाया था तेरी यादो को, वोह हो जिंदा फिर लौट आई
जितना मिटाया तेरी सोचों को,
उतनी ही ज़्यादा तेरी याद आई
आईने सब तोड़ कर देख लिए,
हर टुकड़ों में तेरी तसवीर आई
जब भी दर्द-ए-दिल का गीत सुना,
मुझे तेरीकहानी याद आईज़ुल्फो को सँवारने जो बैठे,
तेरी उँगलियों की छुअन याद आई
अबके सावन में हम जो भीगे,
तेरी वोह शरारत बहुत याद आई
जब भी दिल टूटने का फ्साना सुना,
तेरी झूठी क़समें याद आई
सब कुछ लूटा कर अपना भी तेरी यादों की कहानी ही रास आईतेरा साथ खो कर भी मेरी सांसो को, तेरी ही सांसो की याद आईतन्हा रातों की गहन तन्हाईयों में,
तेरे ही ख्वाबों ने महफिल सजाईतेरे इश्क में मेरे आँचल का,
फैल कर समुंदर हो जाना याद आयामेरी चाहतों के समुंदर पर,
तेरा वोह आसमान बन छाना याद आयाभीगे पलकों को मेरी तेरा होंठों से चूम कर सुखाना याद आया
तेरा आँखों में आँखें डाल मुसकरा कर मुझे मना जाना याद आया
अपनी हथेली पर मेरे अश्कों को ले दिल केमोती कहना याद आयातेरी गर्म हथेलियों में अपना चेहरा छुपा तेरा प्यार पाना याद आयातुझे भुलाने की हमारे दिल की,
हर ज़िद है अब नाकाम हुईसब कर के अब तो देख लिया,
हर कोशिश हमारी नाकाम हुई