23/04/2025
साक्षी मंदिर _ नटराज पूरम
अकर्ता और अचल शिव
हम सभी के भीतर देखने वाले साक्षीका प्रतीक है यह स्वरुप..
अब भीतर कुछ भी चलायमान नहीं..
अब भीतर कोई कर्तापन का भाव नहीं बचा..
बाहर कृत्य रहे ना रहे किन्तु भीतर कर्तापन पूर्णत: बिखर जाए..