03/09/2026
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानऔर नांदी (NAANDI) फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आई टी टी आर के हॉल में बी एड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए रोजगार योग्य कौशल (Employability Skills) प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सात दिवसीय 25/8/26 से 3/9/2026 कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल से सुसज्जित करने के उद्देश्य से रोज़गार योग्य कौशल (Employability Skills) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान की प्राचार्या प्रोफेसर अनीता दुआ ने कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कार्यस्थल पर आवश्यक संचार, व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन, रोजगार संबंधी तैयारी एवं समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशलों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षक के रूप में श्रीमान विनीत मेहता और नैन्सी मदान उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान “English – Language for Career” विषय के अंतर्गत अंग्रेज़ी भाषा में प्रभावी संचार, शब्दावली, व्याकरण, उच्चारण, प्रवाह तथा पारस्परिक संवाद पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों को प्रभावी संचार के महत्व को समझाते हुए अपनी भाषा एवं संवाद क्षमता में सुधार के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण एवं समय प्रबंधन के माध्यम से अपने व्यक्तिगत, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से निर्धारित करने तथा समय का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
रोजगार संबंधी सत्र में विद्यार्थियों को अपनी वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करने, भविष्य के करियर लक्ष्य निर्धारित करने तथा अपनी पसंद की नौकरी एवं उपलब्ध नौकरी के बीच अंतर को समझने का अवसर मिला है ।विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि नौकरी प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत कौशल, आवश्यक प्रशिक्षण, आर्थिक स्थिति तथा उपलब्ध अवसरों का ध्यान रखनाअति आवश्यक है।
प्रशिक्षण में ई-मेल लेखन एवं व्यावसायिक संवाद पर भी विशेष सत्र रखा गया, जिसमें अनुरोध करना, माफी माँगना, संलग्नक भेजना तथा सुझाव एवं जानकारी देने के लिए उपयुक्त भाषा के प्रयोग को समझाया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग, धन प्रबंधन, व्यावसायिक नैतिकता, आलोचनात्मक चिंतन, लघु प्रस्तुतियों, जॉब रेडीनेस, समस्या-समाधान कौशल तथा साक्षात्कार के प्रश्नों से संबंधित जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को आत्म-जागरूकता, आत्म-प्रेरणा एवं अपने कौशलों के निरंतर विकास के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम की संयोजिका की भूमिका डाॅ. ममता चावला ने निभाई। कार्यशाला के अंतिम दिवस पर संस्थान की प्राचार्या द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर सभी शिक्षकगण प्रोफेसर अमीषा सिंह,डॉ. रीटा, डॉ. रोहिणी, डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. अंग्रेज सिंह, डॉ. पूजा सैनी, डॉ. मनप्रीत कौर,श्रीमती रीना यादव,श्रीमती कँवलप्रीत कौर और गैर शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे।