05/06/2026
आज विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), लखीमपुर खीरी के प्रांगण में एक विशेष पर्यावरण जागरूकता एवं भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का अत्यंत सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह संपूर्ण कार्यक्रम संस्थान के प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार शाक्यवार की गरिमामयी अध्यक्षता एवं कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा: इस विशेष अवसर पर संस्थान के सभी सम्मानित अनुदेशकों , प्रशासनिक कर्मचारियों और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण को सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाने के पावन संकल्प के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार शाक्यवार द्वारा संस्थान परिसर में पहला पौधा रोपित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों ने अपनी सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए एक-एक पौधा लगाया और परिसर को हरितमय बनाने में योगदान दिया।
केवल रोपण ही नहीं, पौधों की संपूर्ण देखभाल का लिया जिम्मा: संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि अभियान को केवल पौधा लगाने तक ही सीमित नहीं रखा गया। रोपण के उपरांत सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर सामूहिक रूप से श्रमदान किया। इसके अंतर्गत परिसर में पूर्व से लगे हुए पेड़-पौधों की उचित गोड़ाई, निराई एवं व्यवस्थित साफ-सफाई की गई। इसके साथ ही नए व पुराने सभी पौधों में पर्याप्त पानी डाला गया, ताकि उनका उचित संरक्षण हो सके और वे सुरक्षित रूप से पल्लवित हो सकें।
प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार शाक्यवार का प्रेरणादायक संदेश: कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित जनसमूह व विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार शाक्यवार ने एक बेहद प्रेरणादायक और सामयिक संदेश दिया। उन्होंने पर्यावरण संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा— "हमारी पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है और इसकी सुरक्षा व संवर्धन हम सभी की सामूहिक एवं परम जिम्मेदारी है। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों और इस धरा को सुरक्षित रखना है, तो हमें अपनी जीवनशैली में सुधार करना होगा, अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे और प्रकृति का संरक्षण करना होगा। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और केवल लगाना ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह उसकी पूर्ण देखभाल भी करनी चाहिए।"
इस अत्यंत सफल और ऊर्जावान कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के सभी विद्यार्थियों ने न केवल परिसर, बल्कि अपने घरों और आस-पास के क्षेत