19/12/2025
राजकीय पॉलिटेक्निक, मुजफ्फरपुर में तीन दिवसीय 'शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी' का भव्य शुभारंभ
मुजफ्फरपुर। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार के निर्देशानुसार, राजकीय पॉलिटेक्निक, मुजफ्फरपुर में शुक्रवार से तीन दिवसीय शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी (PTM) का विधिवत आगाज़ हुआ। 21 दिसंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन भारी संख्या में अभिभावकों ने संस्थान पहुँचकर अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और संस्थान की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करना है। कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी नोडल पदाधिकारी डॉ. सुधीर प्रसाद सिंह द्वारा निभाई जा रही है।
संवाद और सुझाव: व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए नोडल पदाधिकारी डॉ. सुधीर प्रसाद सिंह एवं अन्य वरिष्ठ प्राध्यापकों ने तकनीकी शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना नियमित कक्षाओं के तकनीकी कौशल प्राप्त करना संभव नहीं है। संस्थान प्रशासन ने अभिभावकों से पुरजोर अपील की कि वे अपने बच्चों की कम से कम 75% उपस्थिति सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रमुख शिक्षक एवं विभागाध्यक्षों की उपस्थिति
इस संवाद सत्र में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और शिक्षकों ने अभिभावकों के साथ व्यक्तिगत चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. अरुण प्रसाद, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. मो. ओसामा, प्रो. प्रिया राज शर्मा, डॉ. अन्नपूर्णा शर्मा, प्रो. कुमारी प्रियंका सहित संस्थान के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के मुख्य आकर्षण:
मेंटर सिस्टम (Mentor System): अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे संस्थान द्वारा नियुक्त 'मेंटर' के साथ निरंतर संपर्क में रहें ताकि छात्र की शैक्षणिक और व्यक्तिगत समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
संसाधनों का निरीक्षण: अभिभावकों ने स्वयं लैब, लाइब्रेरी और क्लासरूम की सुविधाओं को देखा और संस्थान की प्रगति की सराहना करते हुए बहुमूल्य सुझाव दिए।
अनुशासन और स्वास्थ्य: पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के अनुशासन, खेल-कूद और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम रविवार (21 दिसंबर) तक जारी रहेगा। उन्होंने उन सभी अभिभावकों को आमंत्रित किया है जो पहले दिन नहीं पहुँच सके, ताकि वे शेष दो दिनों में शिक्षकों से संवाद कर सकें और अपने बच्चों के भविष्य की रूपरेखा साझा कर सकें।