23/03/2023
23मार्च2023
पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट स्ट्रगल कमेटी (PUSSC) द्वारा प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग पटना विश्वविद्यालय में शहीद ए आजम भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु का शहादत दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत तस्वीर पर माल्यार्पण से हुआ।
उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए PUSSC के सचिव पवन कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक आज के ही दिन 1931 में शहीद - ए- आजम भगत सिंह , सुखदेव एवं राजगुरु फांसी के फंदे चुमकर शहादत देने से पहले आखिरी समय जेल में जब पुलिस भगत सिंह को लेने आया तो वह लेनिन की किताब पढ़ रहे थे। पुलिस के बुलाए जाने पर उन्होंने कहा ठहरो एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से मिल रहा है, उनके सोच में दृढ़ता देखकर अधिकारी आश्चर्य चकित रह गया। किताब पढ़कर भगत सिंह चलने को तैयार हो गए। सुखदेव और राजगुरु भी अपने-अपने कोठारी से आ गए थे। तीनों एक दूसरे से गले मिले और तीनों चल पड़े। फांसी पर झूल जाने से पहले तीनों क्रांतिकारियों ने नारे लगाएं
इंकलाब जिंदाबाद। साम्राज्यवाद का नाश हो। कुछ ही देर बाद तीनों क्रांतिकारी इतिहास के पन्ने में हमेशा के लिए अमर हो गए।
आगे उन्होंने कहा कि भगत सिंह का मानना था कि आजादी के मायने यह नहीं होते कि सत्ता गोरों हाथ से काले हाथों में आ जाए यह तो सत्ता का हस्तांतरण हुआ। असली आजादी तो तब आएगी जब देश के कोई भी व्यक्ति भूखे न सोए, कोई नंगा न रहे, इंसान का इंसान शोषण न करें, कोई अशिक्षित न रहे। लेकिन आजादी के 75 वर्ष बाद भी क्रांतिकारियों का शोषण विहीन समाज बनाने का सपना अधूरा है।
छात्र छात्रों को संबोधित करते हुए PUSSC के सह सचिव अमित कुमार ने कहा कि
उनके सपना को पूरा करने के लिए आगे बढ़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में चंदन कुमार, दिलखुश कुमार, कृपाशंकर, विवेक कुमार, विवेकानंद, टिंकू कुमार, मनीष कुमार, अविनाश कुमार, पीयूष कुमार, असलम अंसारी आदि ने भाग लिया।