18/07/2022
बिहार का शिक्षा बजट 39 हजार करोड़, फिर भी राष्ट्रीय रैंकिंग (NIRF) में एक भी उच्च शिक्षण संस्थान नही।
केंद्र सरकार द्वारा जारी उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग में इस वर्ष बिहार का एक भी संस्थान रैंकिंग प्राप्त नही कर पाया।
◆ बिहार सरकार द्वारा स्थापित चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी(CNLU), चंद्रगुप्त मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट(CIMP), आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी(AKU), पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी जैसे बड़े नाम भी या तो कोई रैंकिंग प्राप्त नही कर पाए या फिर डर से रैंकिंग में भाग ही नही लिया।
◆ NIT व IIT पटना की चिंता नही है, इस वर्ष उनकी रैंकिंग गिरी है लेकिन उनका आगे पीछे चलता रहता है और रैंकिंग का विशेष असर उनपर नही पड़ता,ऊपर से वो केंद्रीय संस्थान हैं।
◆ बिहार में 17 स्टेट यूनिवर्सिटी है। पटना और मगध यूनिवर्सिटी का बजट 500/600 करोड़ है। उसके बाद भी इन दोनों यूनिवर्सिटी ने रैंकिंग में भाग ही नही लिया। बाकी यूनिवर्सिटी की हालत आप समझ सकते हैं।
◆ मात्र तीन कैटेगरी में बिहार स्थित संस्थान जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। इसमें इंजीनियरिंग (IIT, NIT,पटना), फार्मेसी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, हाजीपुर) और आर्किटेक्चर (NIT, पटना) शामिल है। ये सभी केंद्रीय संस्थान हैं।
◆ शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार की तरफ से सबसे ज्यादा 39191.87 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।
◆ नेशनल रैकिंग तो दूर उसके लिए आवेदन करने तक करने की स्थिति में राज्य के विवि व कॉलेज नहीं हैं. समस्या यह है कि NIRF में जाने के लिए नैक मान्यता प्राप्त होना बहुत जरूरी है. राज्य में सिर्फ दो ही विवि को नैक में मान्यता प्राप्त है. वहीं एक भी विवि ऐसा नहीं है, जिसे नैक में ‘ए’ या ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त हो. सिर्फ पटना विवि को नैक में ‘बी प्लस’ ग्रेड प्राप्त है, लेकिन विवि ने आवेदन नहीं किया. CNLU की नैक मान्यता समाप्त थी और चूंकि अभी नैक में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त हुआ है. वह भी इस सत्र के लिए आवेदन नहीं कर सका था.
बिहार शिक्षा व्यवस्था और NIRF पार्ट 1.
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