21/10/2015
आजकल कुछ लोग अपने पुरुस्कार लौटाने में लगे हुए हैं.
आजकल कभी कभी... चाणक्य द्वारा कही एक बात याद आती है-
"की जब समाज के अति विद्वान् लोग और गुनाहगार प्रवृत्ति के लोग नाराज होने लगें,
तब आप प्रसन्नता पूर्वक यह समझ लेना चाहिए कि,
राजा की व्यवस्था बहुत बढ़िया ढंग से कार्य कर रही है."