Sanchi University of Buddhist-Indic Studies

Sanchi University of Buddhist-Indic Studies As a soulful university in the heart of India, SUBIS resurrect the brilliance of Indian philosophy through proper research and applied dimension.

This University is meant to address the global issues & shall generally cover educationalists, academicians, philosophers, researchers, practitioners from all over the world, but shall primarily focus on Asian countries - the land of genesis & spread of Buddhist-Indic culture. All aspects of Buddhist-Indic Studies from philosophy to culture; from economics to governance shall be addressed in total

ity. It shall invite knowledge & wisdom from all ten directions; shall realise, redeem, research, refine and refurbish it further to disseminate in all spheres of life and contribute to the efforts in making 'Mother Earth' a better place to live in. This shall also contribute to the interaction among Asian countries and facilitate cross pollination of ideas & foster harmony among different Asian civilizations.

विश्वविद्यालय में कार्यरत् शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए शारीरिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, ...
21/05/2026

विश्वविद्यालय में कार्यरत् शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए शारीरिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, एकाग्रता, सकारात्मक जीवनशैली और मानसिक शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में "योग एवं ध्यान आधारित अभ्यास सत्र" का आयोजन प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को प्रारंभ किया गया है।
योग शरीर को स्वस्थ, सशक्त एवं ऊर्जावान बनाता है, वहीं ध्यान मन को एकाग्र, शांत एवं संतुलित रखने में सहायक होता है। नियमित योग एवं ध्यान अभ्यास से कार्यक्षमता में वृद्धि होती है तथा व्यक्ति स्वयं को अधिक सकारात्मक एवं प्रसन्न अनुभव करता है

विश्वविद्यालय में कार्यरत् शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए शारीरिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, ...
19/05/2026

विश्वविद्यालय में कार्यरत् शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए शारीरिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, एकाग्रता, सकारात्मक जीवनशैली और मानसिक शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में "योग एवं ध्यान आधारित अभ्यास सत्र" का आयोजन प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को प्रारंभ किया गया है।

15 दिन में 15 मिनट की सामूहिक सफाई से होगा कैंपस कचरा मुक्त• सांची विश्वविद्यालय में सामूहिक सफाई अभियान • छात्रों, शोधा...
11/05/2026

15 दिन में 15 मिनट की सामूहिक सफाई से होगा कैंपस कचरा मुक्त
• सांची विश्वविद्यालय में सामूहिक सफाई अभियान
• छात्रों, शोधार्थियों, अधिकारी, कर्मचारी ने किया सामूहिक श्रमदान

साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में सामूहिक श्रमदान द्वारा परिसर को साफ सुथरा किया गया। छात्रों, शोधार्थियों, शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक अधिकारी एवं कर्मचारी दस्ताने पहनकर गर्मी तथा तापमान की चिंता किए बगैर साफ सफाई में जुटे।
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और छात्रों ने संकल्प लिया है कि हर 15 दिवस में श्रमदान कर अपने परिसर को पूर्णत: कचरा मुक्त कर के ही रहेंगे। इस बार अकादमिक बिल्डिंग के आस-पास साफ सफाई की गई।
कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता ने कहा कि श्रमदान से परिसर को साफ सुथरा रखने की भावना प्रबल होती है और वह हमारे व्यवहार में उतर जाती है। भारतीय चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुष्मिता नंदी ने कहा कि हम सबको प्रयास करना चाहिए कि ऐसा कचरा जो जमीन में नष्ट नहीं हो सकता उसे यूं ही न फेंके बल्कि उसे डस्टबिन में ही डालें। यह छोटी सी कोशिश भी पर्यावरण की सेवा होगी।
सांची विश्वविद्यालय के समस्त कर्मचारियों और छात्रों ने आह्वान को दोहराया कि हर 15 दिन में 15 मिनट सफाई कर अपने कैंपस को साफ-सुथरा करेंगे।

08/05/2026
07/05/2026

साँची विश्वविद्यालय में प्रवेश जारी , भारतीय संस्कृति और दर्शन से जुड़े कोर्स की मांग
• बौद्ध दर्शन, वैदिक, भारतीय दर्शन, योग, संस्कृत, चीनी भाषा में पढ़ाई का अवसर
• सरल प्रवेश प्रक्रिया, सुविधायुक्त हॉस्टल सुविधा
• एम.ए, एम.एस.सी, एम.एफ.ए, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्ययालय में स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्सेस में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। अकादमिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं।
मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग के साँची विश्वविद्यालय में योग, भारतीय चित्रकला, बौद्ध अध्ययन, भारतीय दर्शन एवं अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम की भारी मांग है। प्रवेश लेने हेतु ऑनलाइन एवं ऑफलाइन फॉर्म भरकर प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
प्रत्येक वर्ष दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों जैसे विएतनाम, म्यांमार, कम्बोडिया, इत्यादि से साँची विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने छात्र आते हैं। साँची-सलामतपुर स्थित 120 एकड़ परिसर में स्थित साँची विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक गतिविधियों के साथ हॉस्टल, मैस तथा लाइब्रेरी की सुविधा भी मामूली दरों पर उपलब्ध है। छात्र, छात्राओं के लिए सुविधायुक्त हॉस्टल के साथ अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का भी छात्रावास उपलब्ध है। विश्वविद्यालय में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, हॉस्टल के प्रत्येक कमरे में 24 घंटे बिजली, इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी छात्रों को दी जा रही हैं। शासन की छात्रवृत्ति के अलावा विवि द्वारा भी मेधावी एवं विभिन्न श्रेणियों में स्कॉलरशिप दी जाती है।
बौद्ध दर्शन, भारतीय दर्शन, वैदिक अध्ययन, चीनी भाषा, भारतीय चित्रकला, योग विज्ञान, शिक्षा के अलावा अंग्रेज़ी, हिंदी, संस्कृत जैसे पारंपरिक एवं आधुनिक विषय भी उपलब्ध हैं। प्रत्येक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में 30 सीटें उपलब्ध हैं। इनके अलावा योग, पालि भाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं हिंदी भाषा में विश्वविद्यालय सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित कराता है। योग विज्ञान में छात्र एम.ए एवं एम.एस.सी दोनों में से कोई एक चुनकर पढ़ाई कर सकता है। विश्वविद्यालय के विभिन्न कोर्सेस, फीस, प्रवेश प्रक्रिया एवं अन्य विवरण के लिए आप sanchiuniv.edu.in पर लॉगइन कर सकते हैं।

साँची विश्वविद्यालय में 2570वीं त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा का आयोजनसाँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में द...
02/05/2026

साँची विश्वविद्यालय में 2570वीं त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा का आयोजन

साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में दिनांक 01 मई, 2026 को प्रातः 8:00 बजे बोधिवृक्ष के पुण्य परिसर में 2570वीं त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) उत्सव का गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग एवं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन प्राध्ययन केंद्र (स्कूल) के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वैशाख पूर्णिमा को त्रिविध पावनी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस एक ही पावन तिथि पर भगवान बुद्ध के जीवन की तीन महान घटनाएँ घटित हुईं, उनका जन्म लुम्बिनी में, सम्बोधि (ज्ञान प्राप्ति) बोधगया में, तथा महापरिनिर्वाण कुशीनगर में। यही कारण है कि यह दिन सम्पूर्ण विश्व के बौद्ध अनुयायियों के लिए सर्वाधिक पवित्र पर्व माना जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर रामनिवास गुप्ता द्वारा बोधिवृक्ष को जल, चीवर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तदुपरांत, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने भी बोधिवृक्ष को जल एवं पुष्पांजलि समर्पित किया । इसके पश्चात बौद्ध अध्ययन विभाग में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से बुद्ध वन्दना प्रस्तुत की गई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण में दिव्यता व्याप्त हो गई। इस अवसर पर उपस्थित समस्त प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा विश्व कल्याण की भावना से कार्य करने का संकल्प लिया। भारतीय एवं विदेशी विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस उत्सव की अन्तर्राष्ट्रीय गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।

साँची विश्वविद्यालय ने लगाया भगवन्तपुर कॉलोनी में स्वास्थ्य शिविर* *एनीमिया एवं लू से बचाव के बताए उपाय***साँची बौद्ध-भा...
29/04/2026

साँची विश्वविद्यालय ने लगाया भगवन्तपुर कॉलोनी में स्वास्थ्य शिविर*

*एनीमिया एवं लू से बचाव के बताए उपाय*
**साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय* द्वारा गोद लिए गए ग्राम **भगवन्तपुर कॉलोनी (ग्राम पंचायत शाहपुर, जिला रायसेन)** में आज नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता के निर्देशन में विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित शिविर में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

* **स्वास्थ्य परीक्षण:** शिविर के दौरान कुल **65 महिलाओं** का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान उनकी सामान्य बीमारियों की जाँच की गई एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
*एनीमिया जागरूकता:* महिलाओं में बढ़ती खून की कमी (एनीमिया) की समस्या को देखते हुए, उन्हें इससे बचाव के तरीके बताए गए। डॉ. अंजलि दुबे ने खान-पान में सुधार और आयरन युक्त आहार के महत्व पर जोर दिया।
*आयुर्वेदिक जीवनशैली:* ग्रामीणों को स्वस्थ रहने के लिए *आयुर्वेदिक आहार-विहार* अपनाने हेतु प्रेरित किया गया, ताकि वे प्राकृतिक तरीके से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकें।
*ग्रीष्म ऋतु एवं हीट स्ट्रोक:* वर्तमान में बढ़ती गर्मी को देखते हुए *हीट स्ट्रोक (लू)* से बचाव के विशेष उपाय साझा किए गए। ग्रामीणों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और लू के लक्षणों को पहचानने के बारे में जागरूक किया गया।
*सफल संचालन:*
यह शिविर **सहायक चिकित्सक डॉ. अंजलि दुबे** और उनकी टीम के नेतृत्व में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय की इस पहल को ग्राम वासियों का भरपूर समर्थन और सकारात्मक प्रतिसाद मिला। ग्रामीणों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के शिविरों के आयोजन से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी गोद लिए गए गांवों में इस तरह के कार्यक्रम जारी रहेंगे।

Address

MPT Gateway Retreat, Dist Raisen
Sanchi
464661

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Monday 10am - 5:30pm
Tuesday 10am - 5:30pm
Wednesday 10am - 5:30pm
Thursday 10am - 5:30pm
Friday 10am - 5:30pm
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