15/08/2018
भरा नहीं है जो भावों से जिसमें बहती रसधार नहीं,
हृदय नहीं वह पत्थर है जिसमें देश का प्यार नहीं!!
-(गया प्रसाद शुक्ल ‘स्नेही’)
स्वतन्त्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ!