30/07/2021
जीवन के इस अनजाने से सफ़र में हमें यह अंदाजा नहीं था कि किसी से इतना जुड़ जायेंगे, जिसके बाद बिछड़ना भी मुश्किल हो जायेगा। हमें यह पता नहीं था कि महामना के बगिया के अभिन्न हिस्सा बन जायेंगे। आज श्रीमती मूना देवी छात्रावास के बड़े से परिवार में रहने को 2 साल पूरे होने जा रहे हैं। पता ही नहीं चला कि कब दो साल पूरे हो गए। श्रीमती मूना देवी छात्रावास के विशाल परिवार से आज हमारें अग्रज भैया लोग अपने जीवन के आगे के सफ़र के लिए रुख़्सत होने की दहलीज पर खड़े हैं। आप सब रुख़्सत तो हो रहे हैं लेकिन हमारे दिल से कभी रुख़्सत नहीं हो सकते।
हमारे छात्रावास की सबसे खास विशेषता यह रही हैं कि देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्र एक दूसरे से इतने घुल मिल जाते हैं कि कभी यह महसूस ही न हो कि हम सब कहीं दूर - दूर से आएं हुए लोग हैं। इस परिवार में जो प्यार और स्नेह हम सबको मिला, ये उसके लिए हमारे पास कोई शब्द नहीं हैं। खासकर हमारे भैया लोग यह महसूस नहीं होने दिए कि हम सब अपने घरों से दूर अध्ययन के लिए आए हुए है। हर समय यह विविधताओं से भरा परिवार अपना परिवार सा लगा। एक समय वह भी था जब यहां के संस्कृति, सभ्यता के बारे में जरा भी जानकारी नहीं थी। और आज हम यहां के माहौल में अच्छे से ढल चुके हैं। इसका पूरा का पूरा श्रेय भैया लोगों को ही जाता हैं। आज दिल में एक कसक सी ज़रूर है कि काश कुछ पल के लिए हम और साथ रहते! लेकिन यह तो समय की मांग है कि अब आगे बढ़ा जाएं। भैया लोगों को अब आगे की ढेर सारी जिम्मेदारियां भी संभालनी हैं।
भैया आप सबको रुख़्सत करने से पहले शुक्रिया कहना चाहेंगे। शुक्रिया कि आप सबने हम सभी को अपना अनुज समझकर इतना प्यार और स्नेह दिए। शुक्रिया कि हम जैसे लोगों को महामना की अपरिचित बगिया के कोने कोने से हमारा परिचय कराया। महामना के बगिया के पुष्प बनने के सफ़र में हर पल साथ रहें। शुक्रिया, विश्विद्यालय के हर पहलुओं एवं बारीकियों को समझाने के लिए। शुक्रिया, हमारे पंखों को मजबूत करने के लिए। शुक्रिया, हर वक्त अपना कीमती वक्त देने के लिए। शुक्रिया, हमारे सही मार्गदर्शन के लिए। शुक्रिया, मुश्किल भरे समय में हर समय हमारा साथ देने के लिए, शुक्रिया, एग्जाम की एक रात पहले एग्जाम की तैयारी कराने के लिए। शुक्रिया, हम लोगों के साथ रात में बैडमिंटन और क्रिकेट खेलने के लिए। शुक्रिया, मेस के लजीज़ भोजन एक साथ बैठकर खाने का अवसर देने के लिए। शुक्रिया, हर समय जूनियर्स के लिए अपने कमरे का दरवाजा खुला रखने के लिए। शुक्रिया, हम सब के साथ खूब मस्ती करने के लिए। शुक्रिया, होली को एक अलग ही तरह से मनाने का तरीका देने लिए। शुक्रिया, दिवाली के अवसर पर अपने छात्रावास को राजमहल सा रूप देने के लिए। शुक्रिया, सभी अवसरों पर हमारे साथ झूमकर नाचने के लिए। शुक्रिया, उन सभी किस्से, कहानियों के लिए, जिससे हम सब काफी कुछ सीख पाएं। शुक्रिया, हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनने के लिए। शुक्रिया, उन सभी पलों लिए जिनके साथ किसी न किसी रूप में हम सबकी यादें जुड़ी हुई है। शुक्रिया, आप सभी के प्यार और स्नेह के लिए।
हम सब काफ़ी सौभाग्यशाली हैं कि आप सब सीनियर्स के रूप में हम सभी को मिलें। आप सबके साथ का हमारा सफ़र शानदार रहा। हमारी यह शुभकामनाएं रहेगी कि आप सब हमेशा खुश रहें। आपका पूरा जीवन खुशियों से भरा हो। आप सब अपने जीवन में हर मुकाम हासिल करें, जिसकी चाहत आप रखते हैं। आप सब महामना के बगिया का नाम खूब रौशन करें। दिल से आप सभी कभी भी रुख़्सत नहीं हो सकते हैं। मिलते हैं फिर फिर किसी अनजाने से सफ़र के अनजाने से मोड़ पर...💕
आपके जूनियर्स, बैच '22